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Sunday, September 25, 2011

हिंदुत्व उत्थान का मार्ग: तात्कालिक युग में|

आप की बात उचित है परन्तु एक धर्मनिरपेक्ष देश के परिपेक्ष से गलत भी है| वो भी हिन्दुस्तानी है| उन्हें बाबर कहना भी उचित नहीं| हर मुस्लिम बाबर नहीं है|
हिन्दू भावनाओं एवं आस्था का सम्मान अवश्य होना चाहिए | हिन्दू हितो की रक्षा भी होनी चाहिए | परन्तु देशविरोधी तरीके से कर के हिन्दुओ का नुकसान ही है| अतिवादी रास्ता अप्रासंगिकता का रास्ता है| ये अपरिपक्वता और अदूरदर्शिता का प्रतीक है| सही तरीका मुश्किल एवं लम्बा है परन्तु कोई और विकल्प नहीं| सही तरीका है की देश की राजनीति को नियंत्रित तथा हिन्दुओ को संगठित किया जाए और ये स्थापित किया जाए की धर्मनिरपेक्षता प्रति-हिंदुत्वता नहीं है वरन हिन्दू-मुस्लिमो एवं अन्य सभी को साथ ले के चलने का नाम है जो की हिन्दू हितो का अपमान कर के संभव नहीं| भाजपा, विहिप एवं रसस जैसे संगठन अपने प्रति-मुस्लिम वादी और असंवैधानिक तरीको की वजह से ये करने में पूर्णतया असफल हुए हैं| आज का एक बहुत बड़ा हिन्दू वर्ग भी इनपे भरोसा करने में असक्षम है| हिन्दुओ को व्यापार, खेल, विज्ञान, राजनीति, मीडिया सभी में सर्वश्रेष्ठ पराकाष्ठ चुनी होगी ताकि जब हिंदुत्व की बात की जाए तो पूर्व से पश्चिम तक उसे आवाज मिले| हिन्दू धर्मं में इतनी योग्यता प्रदान करनी की शक्ति भी है| अपनी योग्यता एवं श्रेष्ठता सिद्ध किये बिना हिन्दुओ को सम्मान की अपेक्षा का अधिकार नहीं| उन्हें आपने तीर्थस्थानो की ऐतिहासिक अन्याय से मुक्ति का सपना भी तभी देखना चाहिए|

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